प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

यदि आप चाहें तो हमें कुछ सहयोग कर सकते हैं

31 March 2013

डॉक्टर .....

(यह पंक्तियाँ एक खास दोस्त के लिये जिन्हें मैं 'डॉक्टर' कहता हूँ।)

Ph.d भी होता है
MBBS और MD भी होता है
हर डॉक्टर
'सर्जन' ही होता है

एक चीरता है
बिगड़े अंग को
और देता है
नया जीवन

एक चीरता है
दर्शन को
और देता है
नया सृजन

मोटी किताबों
और दुनिया भर की
अगर मगर में
प्रयोगशालाओं
पुस्तकालयों की
हर डगर में

एक नये युग
नयी परिकल्पना का
अवतरण होता है

सर्जक का सृजन
हर डॉक्टर
सर्जन होता है।

~यशवन्त माथुर©

30 March 2013

दरारें और दीवारें

नया नहीं
दीवारों
और दरारों का साथ
दीवारे
ईंटों की भी होती हैं
और
रिश्तों की भी
कुछ ऊंची होती हैं
कुछ नीची होती हैं
और कुछ
कर रही होती हैं
नींव के
रखे जाने का
इंतज़ार

वक़्त के साथ
या लापरवाही से
गलतफहमी के
उफनने से
नींव के दरकने से
भूकंप से
दरारें पड़ ही जाती हैं
ईंटों की दीवारें
गिर ही जाती हैं
रिश्तों की दीवारें
उठ ही जाती हैं

और एक बार
जब हो जाता है ध्वंस
तब होता नहीं आसान 
नयी बुनियाद का
अस्तित्व।

~यशवन्त माथुर©

29 March 2013

क्षणिका...

बीतता जा रहा है वक़्त
और जारी है ख्याल की तलाश
काश! कि मिल सका तो
कह दूंगा जज़्बात । 
~यशवन्त माथुर©

28 March 2013

क्षणिका

ख्वाब होते हैं अच्छे
हकीकत से
क्योंकि
ख्वाब देते हैं 
सब कुछ
जो दूर होता है
हकीकत की पहुँच से।

~यशवन्त माथुर©

Popular Posts

+Get Now!