प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

यदि आप चाहें तो हमें कुछ सहयोग कर सकते हैं

04 January 2016

करें क्यो परवाह......

लोगों का कम है कहना
कहते रहेंगे
हम यूं ही हाथी बन कर
चलते रहेंगे

करें क्यो परवाह
बे मौसम बरसातों की
बे शरम बादल हैं
गरजते रहेंगे

मन के मालिक हैं
मन के गुलाम हमीं हैं
मन की बातें इन पन्नों पर
ऐसे ही लिखते रहेंगे।

~यशवन्त यश©

03 January 2016

लोग कहते हैं......

लोग कहते हैं
ज्ञान बाँटने से बढ़ता है
लेकिन
यह भी सच है
जो बाँटता है
वह ही धोखा खाता है
और फँसता है
ज़माने के
जाल में।
~यशवन्त यश©

02 January 2016

आत्महत्या

आत्महत्या
कायरता है
सिर्फ
उन चंद लोगों की नज़रों में
जिन्हें अंदाज़ा नहीं होता
अवसाद के चरम का ...
आत्महत्या
कायरता नहीं
सिर्फ
एक आसान रास्ता है
कँटीले रास्तों से
बच निकलने का ...
आत्महत्या
हत्या नहीं
गुनाह नहीं
सिर्फ चाहत है
खुद से मुक्त होने का।

~यशवन्त यश©

01 January 2016

हर बीता पल कुछ सिखाता है

हर बीता पल
कुछ सिखाता है
हर आने वाला पल
नये सपने सजाता है
बीतना, आना
और फिर बीतना
कभी हारना
और फिर जीतना
मन की गहरी नदी की
बेपरवाह लहरों के साथ
जो ठोकरें खाता है
पत्थरों से टकराता है
वही उस पर
अपने साहिल से मिल पता है
हर बीता पल
कुछ नया सिखाता है।

~यशवन्त यश©

Popular Posts

+Get Now!