यश पथ (Yash Path)
31 March 2011

विचारों का समुद्र कुछ शांत सा है .....

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विचारों का समुद्र कुछ शांत सा है अपनी  ही धुन में लहरें आ रही हैं जा रही हैं सुन  रहा हूँ उठने गिरने की चलने फिरने की कुछ आवाजें मग...
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27 March 2011

मुझ से दोस्ती करोगे ?

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अपनी माँ की गोद में कंधे से सर लगाए पीछे मुड मुड कर वो  बार बार मुझको देख रहा  था एक टक रह रह कर खिलखिला रहा था और  बार बार अपने न...
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25 March 2011

बोलता रहूँगा

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जब जब जो भी मन में आएगा कहता रहूँगा कोई तो सुनने आएगा बोलता रहूँगा बोलता रहूँगा जब तक सुनना चाहेंगे लोग बोलता रहूँगा जब तक मुझे चाह...
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23 March 2011

आज की सोच

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वो बीती बात हो गए वक़्त की स्याही में डूब कर क्यों उनको याद कर के दो फूल चढा दूं ? इतिहास की किताबों में झेलता हूँ रटता हूँ कोई फ़िल्म...
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21 March 2011

हैं कहाँ ?

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न राग फाग के रहे न कहकहे रहे यहाँ थक के चूर  सो गए उमंग का समय कहाँ ? उमंग का समय कहाँ कि भाग भाग जी रहे पीके भांग झूमते नौजवान हैं ...
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20 March 2011

एक पत्र

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माई डियर मैं, कहीं तुम तो बौराये हुए नहीं हो?मुझे कुछ शक है वो इसलिए कि इस बार आम यूँ तो देर से बौराया है लेकिन अपने से श्रेष्ठ खास लोगों की...
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19 March 2011

वो बीती होली....

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वो बचपन की होली दोस्तों संग ठिठोली वो मस्ती वो उल्लास वो अबीर वो गुलाल गुब्बारों की मार पिचकारी की फुहार वो गुझियों पर टूट पड़ना और ठूंस ठूंस...
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17 March 2011

समझ न सके तुम

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सच कहा- न मैं होता तो क्या तुम न होते और जो तुम न होते तो क्या मैं न होता मैंने गलती की या नहीं की नहीं पता पर इतना जानता हूँ कि म...
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16 March 2011

कुछ मैं भी लिख दूँ.

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सब ने सब कुछ तो कह दिया हर रंग बिखेर दिया मैं भी चाहता हूँ कहना वही सब दोहराना हां मगर अपनी तरह से सोच रहा हूँ कुछ मैं भी लिख दूँ. ...
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