यश पथ (Yash Path)
28 March 2020

कारवां गुजर जाने दो......

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जो करना है तुमको करते रहना मगर उन्हें एक ठौर पाने तो दो कारवां गुजर जाने दो। वो इस उम्मीद में थे कि हाथ खाली न होंगे जो देखते हैं ख्...
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27 March 2020

कुछ कर नहीं सकता .......

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ऐसे मंज़र हैं यहाँ और वो कहते हैं मतलब खुद से रखो दूसरों की तो दूसरे ही सोचते हैं। कहीं घास चरता बचपन है अपने घोंसले को ...
26 March 2020

अफसोस! अब तक ज़िंदा हूँ..

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आसमान में उड़ता एक बेखौफ परिंदा हूँ अफसोस! अब तक ज़िंदा हूँ। कोशिशें उन्होंने कीं तो बहुत तीरों से भेदने की गर्दन और धड़ को अलग करने क...
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25 March 2020

सब अपने घर में हैं....

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(चित्र साभार-गूगल/फ़ेसबुक ) ये समय का चक्र है  कि कोई मजे में है  दीवारों के भीतर मखमली पर्दों  और आरामतलबी की  कैद में है।...
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24 March 2020

हम सब गंदे हैं ...

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अंधे हैं हाँ हम सब अंधे हैं दिखते हैं साफ़ पर बहुत गंदे हैं हाँ बहुत गंदे हैं। अपने उजले आवरण के भीतर चेहरे पर लगे मुखौटों की कई पर...
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23 March 2020

कुछ लोग-47

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खुद सामने आने के बजाय कुछ लोग चलते हैं अपनी चालें उन ना-समझ मोहरों से जो होते हैं बे-खबर प्रत्यक्ष के परोक्ष से। पर वो नहीं जानते ...
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21 March 2020

वो सबको खुश न रख पाता......

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जलते जलते दीया भी है अक्सर बुझ जाता । जो दबा उसके भीतर समझ कोई न पाता।  उसके तल पर घना अंधेरा लौ भले ही दिखलाती सवेरा। थोड़ा गिरती -थ...
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09 March 2020

होली मुबारक..

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भंग में रंगों  की तरंगें  मुबारक गली में नुक्कड़ों में  हुड़दंगे मुबारक। बच्चों की टोली को ठिठोली मुबारक ठंडाई और गुझिया की होली मुबारक...
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06 February 2020

सैनिक

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हम सोचते हैं सैनिक सिर्फ सैनिक होता है जिसका काम सिर्फ मारना और मरना होता है अपने देश पर मिटना होता है लेकिन हम नहीं सोचते कि सैनि...
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