12 April 2016
हज़रत गंज
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नवाबों के शहर में जहाँ बिखरे हैं कई रंग हजरातों की बस्ती जिसे कहते हैं हज़रत गंज । यह मेरे शहर की धड़कन है जान है इसकी हर अदा पे फिद...
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01 April 2016
मूर्खता
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मूर्खता हमारे भीतर कहीं गहरे रच बस कर बना लेती है अपना मुस्तखिल ठौर इस जीवन की सच्चाईयों बुराइयों और अच्छाइयों के साथ। शुरू से ...
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25 March 2016
बस यूं ही
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बस यूं ही कभी चलते चलते थोड़ा रुक कर सुस्ता कर एक पड़ाव से दूसरे पड़ाव की ओर कंटीले गति अवरोधकों को लांघ कर जिंदगी का सफर जब पहुंचता...
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12 March 2016
कुछ लोग-36
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अंध भक्ति के रोग से ग्रस्त कुछ लोग अंतर नहीं कर पाते सही और गलत का कल्पना और वास्तविकता का जिंदा और मुर्दा का आसमान और ज़मीन का ........
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13 February 2016
अब तो बस यही करम करना है
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हर जगह हैं रोकने वाले हर जगह हैं टोकने वाले अपने मन की करने वाले नहीं किसी की सुनने वाले दौर ए तानाशाही में कड़वा सच नहीं कुबूलने वाल...
01 February 2016
मुझे रंजीत कात्याल ने नहीं बचाया था----विजू चेरियन, असिस्टेंट एडिटर, हिन्दुस्तान टाइम्स
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सा ल 1990 में जब सद्दाम हुसैन ने कुवैत पर हमला किया था, तो वहां से मुझे भारत सरकार ने एयरलिफ्ट किया था, और दो महीने के उस घटनाक्रम की...
30 January 2016
'भारत मे लोकतन्त्र का भविष्य' -डॉ भीम राव अंबेडकर
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'भारत मे लोकतन्त्र का भविष्य' शीर्षक से प्रकाशित डॉ भीम राव अंबेडकर के भाषण के अंश 26 जनवरी के 'हिंदुस्तान' से साभार ...
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16 January 2016
मोबाइल और मेल का मायाजाल-पीटर फ्लेमिंग, प्रोफेसर, सिटी यूनिवर्सिटी लंदन
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का म करने की लत का सबसे बुरा उदाहरण क्या हो सकता है, यह मुझे मैनेजमेंट के पूर्व सलाहकार ने बताया। उनकी टीम के एक सदस्य गैरी पर कंपनी ने दब...
14 January 2016
सच है कि ज़माना बदल जाता है
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सूरज जो कभी पहाड़ों और पेड़ों की ओट से निकलता था अब ऊंची मीनारों और मकानों की छतों निकल कर इतराता है सच है कि ज़माना बदल जाता है । ~यशव...
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