28 August 2012
खड़ा हूँ
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पिछली कई सदियों से खड़ा हूँ इस चौराहे पर चकाचौंध पर सैकड़ों दिन सैकड़ों रातें बीत चुकीं मैं बस यूं ही खड़ा हूँ चेतना रहित तो नहीं हूँ ...
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27 August 2012
अरे तुम तो इतने छोटे हो :)
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तस्लीम-परिकल्पना सम्मान समारोह एवं अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉगर सम्मेलन से लौट कर बस आया ही हूँ। एक जगह इतने सब लोगों से मिलना वास्तव मे ...
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22 August 2012
कुछ
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अभी तक कुछ नहीं है मन में फिर भी मन हो रहा है कुछ करने का कुछ कहने का यह आदत है मजबूरी है या नौकरी नहीं पता बस बाहर होती रिमझि...
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19 August 2012
उजला-काला
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वर्तमान के उजले मुखौटे के भीतर भविष्य का काला सच दबाए कुछ लोग चलते जाते हैं अपनी राह पूरे होशो हवास मे आत्मविश्वास मे वो जानते हैं ...
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15 August 2012
यही एक दिन है
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सभी पाठकों को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ! =========== ============== ============== एक साल में एक दिन यही है जब भू...
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11 August 2012
त्रस्त है.....अभ्यस्त है
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इन्हें शब्दों के बिखरे टुकड़े कहना सही रहेगा । अलग अलग समय पर अलग अलग मूड मे लिखे कुछ शब्दों को एक करने की कोशिश कर के यहाँ प्रकाशित कर रहा ...
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06 August 2012
भूल गया क्यों तुम को?
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लगभग साल भर से यह पंक्तियाँ ड्राफ्ट में सुरक्षित थीं। पूर्व में अन्यत्र प्रकाशित अपनी इन पंक्तियों को अपने ब्लॉग पर आज प्रकाशित कर रहा हूँ...
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04 August 2012
भ्रम
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एक सच है एक झूठ है एक मुखौटा है एक असली चेहरा है एक शतरंज है एक मोहरा है एक साँप है एक सपेरा है एक अंधेरा है एक सवेरा है एक प्रश्...
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01 August 2012
'दो'
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आदत है अँधेरों में जीने की तो क्या चीज़ उजाला है एक तरफ है झक सफ़ेद एक तरफ काला है कहीं इस समय दिन है कहीं पे रात है कह...
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