यश पथ (Yash Path)
28 May 2013

कहाँ हैं .......?

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इस गहराती काली रात में झुरमुटों में छुपे चाँद तारे कहाँ हैं ? कंक्रीट की जगमग बस्ती में झींगुरों के गीत और सन्नाटे कहाँ हैं  ? ढूंढ रह...
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27 May 2013

बिजली

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चित्र साभार-:http://www.deshbandhu.co.in/ बिजली जात है, धर्म है बिजली।   कटिया कर्म का, मर्म है बिजली।  बिजली जीवन, मृत्यु बिजली।...
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24 May 2013

तस्वीर जैसा इंसान

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तस्वीर एक ही होती है और पहलू दो होते हैं एक अच्छा लगता है और सामने दिखता रहता है दूसरा दीवार से चिपक कर अंधेरे में रहता है इंसान भी ...
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21 May 2013

सवाल

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कई दिन से 'सवाल' शब्द मेरे पीछे पड़ा था ,आज कुछ सोचते सोचते यह बेतुकी भी लिख ही दी :) सवाल इस बात का नहीं कि सवाल क्या है सवाल इस...
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20 May 2013

'समर' के इस समर में

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'समर' के इस समर में संभल संभल के चलना है  सर पे टोपी या अंगोछा साथ मे पानी पीते रहना है यह मौसम है लू का तपती धूप का मेरे लिये...
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18 May 2013

उल्टी दिशा में

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पुरानी किताब के गलते पन्नों  की धुंधलाती इबारतें कभी कभी सामने आ जाती हैं अपने चटख रंग में जब उन के बीच कहीं दबा हुआ पुराना सूखा फूल...
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16 May 2013

मैं कौन हूँ ?

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सोच रहा हूँ मैं कौन हूँ ? हाड़ -माँस के खोल में छुपी एक आत्मा या मिट्टी से बना एक सजीव शरीर .... या आत्मा और शरीर दोनों ही हूँ ? मैं...
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15 May 2013

मन का गुलाम

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मजबूरी है मेरे लिये बने रहना मन का गुलाम यूं तो हैं कई काम जिंदगी के इस मेले में कुछ स्याह कुछ सफ़ेद पल कभी मनाते हैं उत्सव और कभी छ...
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14 May 2013

वह तस्वीर......

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बहुत वक़्त से देखता रहता था मैं दीवार पर टंगी उस तस्वीर को न जाने कब से टंगी थी घर के कोने के उस अंधेरे कमरे में गर्द की एक मोटी प...
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