यश पथ (Yash Path)
17 July 2022

सड़क

›
https://www.youtube.com/shorts/DcMDuQKsh2s लगता है सड़क सड़क नहीं, नदी है!  जिस पर चलने वाले वाहन,  पानी का सैलाब हैं।  कहीं किसी किनारे खड़...
6 comments:
09 July 2022

सोचता हूँ ......

›
https://youtu.be/Kk0b9E2VocE सोचता हूँ  जीवन के हर सूक्ष्म  या सूक्ष्मतम पल पर  हमारे चेतन या अवचेतन में  पलने वाली  हर दुआ-बददुआ का  अंततः ...
5 comments:
30 June 2022

बरसात

›
( सुनने के लिए कृपया पधारें : https://youtu.be/p9QVmeMM4ek ) बरसात! अब नहीं रही  पहले जैसी  बचपन जैसी  अल्हड़-  बेबाक-  खुशगवार   देहरी पर  ...
9 comments:
14 May 2022

अनुत्तरित प्रश्न......

›
यूं तो  मन के हर कोने में  विचरते रहते हैं  ढेर सारे प्रश्न  और उनके  सटीक  या अनुमानित उत्तर  फिर भी  कुछ ऐसे प्रश्न भी होते हैं  जिनके उ...
10 comments:
12 May 2022

तो कैसा हो?

›
मन  कोरे कागज़ की तरह  बिल्कुल खाली  और नीरस हो  तो कैसा हो? शायद वैसा  जैसा जीवन की देहरी पर  पहला कदम रखते ही  किसी नवजात का होता है  या ...
8 comments:
18 April 2022

दो पल ....

›
एक भूले हुए दिन  यहीं कहीं  किसी कोने में  मैंने रख छोड़े थे  दो पल  खुद के लिए।   सोचा था- जब कभी मन  उन्मुक्त होगा  किसी खिले हुए गुलाब की...
5 comments:
29 March 2022

गेहूं का खेत और सभ्यता

›
पके हुए गेहूं से  भरा-पूरा एक खेत  और  इस जैसे  कई और खेत  कभी  किसी दौर में  जकड़े रहते थे बीघों फैली मिट्टी को  जड़ों के  रक्षासूत्र से।  ...
2 comments:
12 March 2022

पूर्णविराम की राह पर ....

›
यूं! जैसे शिखर से मिलने के बाद  धीरे-धीरे  सूरज भी खोता है  अपना यौवन  यूं! जैसे चरम से  मिलने के बाद शेष रहता है  सिर्फ शून्य  यूं!  जैसे ...
5 comments:
24 February 2022

बदलते रंग

›
कभी धूप  कभी छाँव के  बदलते रंगों में  कोशिश करता हूँ  एक रंग  अपना पाने की  और उसी में घुलकर  उस जैसा ही हो जाने की  दुनियावी मायाजाल को स...
7 comments:
‹
›
Home
View web version
Powered by Blogger.