23 September 2017
मैं देवी हूँ-6 (नवरात्रि विशेष)
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मेरे नाम से न जाने कितनी ही आहुतियाँ दी जाती हैं रोज़ यज्ञ वेदी पर कभी सरस्वती कभी लक्ष्मी कभी दुर्गा और कभी काली न जाने कितने ही न...
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21 September 2017
मैं देवी हूँ -5 (नवरात्रि विशेष)
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यह समाज यह आस-पड़ोस यह रिश्ते-नाते क्या सच में मेरे हैं क्या सच में अपने हैं या बस यूं ही अपने भीतर की तमाम कुंठाओं का प्रतिरूप अप...
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10 September 2017
नहीं कोई साथ निभाने को....
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समय के चक्रव्यूह में फँसकर नहीं बचा कुछ पाने को। उखड़ती साँसों से क्या कहना अमृत को चख जाने को। बहरूपियों के जीवन मंच पर कठपुतल...
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24 August 2017
रोलर कोस्टर ज़िन्दगी
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रोलर कोस्टर ज़िन्दगी..... अपने उतार चढ़ावों के एक एक पल में समेटे रहती है .... जाने कितनी ही खुशियाँ और कितने ही गम ..... फिर भी रहत...
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17 August 2017
हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे....
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हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे एक कहानी होती है जिसे सुनकर हँसती दुनिया या कभी कभी वह रोती है । कोई कहता हँसता है वह कोई कहता पागल है...
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15 August 2017
तिरंगे में पुते चेहरे दिखने लगे हैं
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तिरंगे में पुते चेहरे दिखने लगे हैं तिरंगे फिजा में लहरने लगे हैं ये कुछ पल का नज़ारा है मानो न मानो फिर तो बस शाम को बुहरने लगे ह...
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10 August 2017
कुछ लोग -40
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संपर्कहीन बीते दौर के कुछ लोग जिनसे जुड़े होते हैं हम अपनी पूरी भावनाओं और संवेगों के साथ, संभाले होते हैं जिनकी स्मृति और कुछ स्व...
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03 August 2017
मन की देहरी पर
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मन की देहरी पर मन की बातों को लेकर मैं -जैसा हूँ वैसा ही बने रह कर बस कह देता हूँ कुछ शब्द जो कुछ भी नहीं हो कर कहीं समा जाते हैं ...
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01 August 2017
एक कहानी ऐसी लिख दूँ
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एक कहानी ऐसी लिख दूँ जिसमें अपने मन की कह दूँ काले यथार्थ की गहरी परतों पर कल आज और कल को रच दूँ। एक कहानी ऐसी लिख दूँ जिस...
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