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28 May 2026

देखा जाए तो.............

देखा जाए तो 
बातें वही हैं 
हम सबकी 
जिन्हें कोई एक कहता है 
दूसरा भी 
अपने शब्द देकर  
सिर्फ दोहराता है। 
देखा जाए तो 
हमारी हर सभ्यता का 
इतिहास वही है 
जिसे हर युग 
पुरा से 
विकास के चरम तक 
पहुंचाता है। 
देखा जाए तो 
पृथ्वी के 
एक गोलार्ध से 
दूसरे गोलार्ध तक 
सीमाओं के बंधन से परे 
हम मनुष्य 
जीवित हैं 
एक ही प्राणवायु से
और हमारे सामने 
साक्षात हैं 
'भगवान'
पंचतत्वों के रूप में। 
तो इतना सब देखने के बाद भी 
आखिर क्यों?
हम उलझे हुए हैं 
मन के कई भेदों में 
जबकि  
जन्म के समय 
हम से कोई भेद 
किया तो नहीं ही गया। 

-यशवन्त माथुर© 
28 05 2026 

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04 January 2026

गलतियाँ ........

कुछ गलतियाँ 
गलती से हो जाती हैं 
कुछ नासमझी,
नादानी से 
कुछ भावनाओं में बहकर 
अनचाहा ही 
कुछ कहकर 
कुछ गलतियाँ 
छोड़ जाती हैं 
अपनी खरोंचों के निशान 
ऐसी जगहों पर 
जिनपर नजर पड़े बिना 
पूरा नहीं होता 
किस भी रास्ते पर 
कोई भी सफर। 

-यशवन्त माथुर© 
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20 October 2025

आओ आज एक दीप जलाएं

कुछ ऐसा करें 
कि मुरझाए चेहरे मुस्कुराएं
आओ आज एक दीप जलाएं।

एक दीप
जो समरसता का हो 
सबकी साझी सभ्यता का हो।

जगमगाएं जिससे 
दसों दिशाएं
आओ आज एक दीप जलाएं।

एक दीप 
जो भरे उजास
हर गरीब की देहरी पर।

और जिसकी लौ से
अमृत बने
मिट्टी के कच्चे चूल्हे पर।

जिसकी तपिश
तमस मिटाकर 
सबके सारे भरम हटाए

आओ आज एक दीप जलाएं।

यशवन्त माथुर

02 February 2025

बस इतना वर मिले .....

जो घूम रहा 
लावारिस बचपन 
बना रहे 
उनका लड़कपन 

बस इतना वर मिले 
हर मुरझाया चेहरा खिले। 

हो विस्तार 
सिमटी समृद्धि का  
न किसी को 
भेद भाव मिले 

बस इतना वर मिले 
सबको अमन-चैन मिले।

जैसे बिछी है चादर 
खिली सरसों की 
जैसे हर क्यारी में 
गेंदा फूल 

ऐसे ही हर जन-मन के 
चेहरे को मुस्कान मिले। 

बस इतना वर मिले। 

(वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ)


-यशवन्त माथुर©
02 फरवरी 2025 
 
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07 January 2025

40 पार के पुरुष-4

अपनी सफलता-
असफलता 
उसके कारणों 
और उनसे उपजी 
क्रिया-प्रतिक्रिया का 
प्रतिफल 
इसी जन्म में भोगते 
40 पार के 
कुछ पुरुष 
अक्सर 
इसलिए हार जाते हैं 
क्योंकि उन्होंने 
जीता होता है 
दुनिया को 
अपने संस्कारी -
संकोची 
स्वभाव से 
जो अगर न होता 
उनके भीतर 
तो शायद 
उनकी उच्छृंखलता 
इसी जनम में 
बन जाती 
उनका काल। 

-यशवन्त माथुर©
 
07 01 2025 
 
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