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10 August 2017

कुछ लोग -40

संपर्कहीन
बीते दौर के
कुछ लोग
जिनसे जुड़े होते हैं
हम
अपनी पूरी भावनाओं
और संवेगों के साथ,
संभाले होते हैं
जिनकी स्मृति
और कुछ
स्वर्णिम पल
इस उम्मीद में
कि फिर कभी
कहीं मिलेंगे
इसी जीवन में
किसी नदी के किनारे,
या सड़क पर
कहीं को जाते हुए
या आते हुए-
उनके नाम
जब टकराते हैं
बदले हुए चेहरों -
पर,
उन्हीं हाव-भावों
सहयोग और अपनेपन
के साथ,
तब ऐसा लगता है
जैसे
तेज़ भागते वक़्त को भी
होती है कद्र
कुछ लोगों के
भीतर के
एहसासों की।
.
-यश©

2 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (12-08-2017) को "'धान खेत में लहराते" " (चर्चा अंक 2694) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. वक्त जीवन के मूलभूत मूल्यों को तो नहीं बदल सकता..सुंदर रचना !

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