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10 October 2015

नाटक

नाटक -
कुछ खेले जाते हैं
मंच पर
जिनकी पटकथा
और संवाद
सुनिश्चित हैं । 

नाटक-
कुछ बन जाते हैं
अपने आप
और हम सब
उनके पात्र
नाचते हैं
बंध कर 
किसी डोरी से ।

नाटक
भले ही होते हैं
कुछ काल्पनिक
कुछ वास्तविक
पर जीवन का
हिस्सा होते हैं
सुबह
और शाम की तरह।
 
~यशवन्त यश©

1 comment:

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