आते-जाते
कुछ लोग मिल ही जाते हैं
कुछ लोग
छूट ही जाते हैं।
कुछ समय का फेर होता है
कुछ उम्र का तकाजा
कुछ झटक देते हैं हाथ
मझधार में
कुछ चार कंधों पर
कहीं निकल जाते हैं।
आते-जाते
कुछ लोग मिल ही जाते हैं ।
कुछ लोग नहीं सह पाते
मतभिन्नता
विचारों की
तीज-त्योहारों की
शहरों की
गाँवों की
सिर्फ अपने ही आदर्शों को
सच कहते चले जाते हैं
आते-जाते
कुछ लोग मिल ही जाते हैं ।
21052026
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