प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

यदि आप चाहें तो हमें कुछ सहयोग कर सकते हैं

01 March 2014

पौधे से सीखो





उठ जाओ कितने ही ऊपर
देखो चाहे गगन को छूकर
जुड़े रहना धरती से देखो
बच्चों ! प्यारे पौधे से सीखो।

वो तुम से कुछ नहीं लेता है
फल फूल हवा भी देता है
उसको स्वार्थ का पता नहीं
वृक्ष बन कर छाँव बिखेरता है ।

दुख जीवन के सभी झेल कर
आँधी औ तूफानों से खेल कर
सीना तान कर जीना देखो
बच्चों ! प्यारे पौधे से सीखो।


~यशवन्त यश©

10 comments:

मॉडरेशन का विकल्प सक्षम होने के कारण आपकी टिप्पणी यहाँ प्रदर्शित होने में थोड़ा समय लग सकता है।

कृपया किसी प्रकार का विज्ञापन टिप्पणी में न दें।

केवल चर्चामंच का लिंक ही दिया जा सकता है, इसके अलावा यदि बहुत आवश्यक न हो तो अपने या अन्य किसी ब्लॉग का लिंक टिप्पणी में न दें, अन्यथा आपकी टिप्पणी यहाँ प्रदर्शित नहीं की जाएगी।

  1. बहुत ही खूबसूरत रचना
    बहुत बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनायें
    =
    कल शायद इसका प्रमाण-पत्र मिल जाये .... उसे भी यही स्थान दे दीजिएगा

    ReplyDelete
  2. बहुत शिक्षापरक

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (02-03-2014) को "पौधे से सीखो" (चर्चा मंच-1539) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  4. आपकी इस प्रस्तुति को शनि अमावस्या और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

    ReplyDelete
  5. i think bachcho se jyada bado ko isse sikhna chahie.....
    hmmmmmmmm..........
    bahut hi khubsurat rachna.....:-)

    ReplyDelete
  6. sir dusro ko kahte ho aapne bhi to comments moderation on kar rakha hai...?????

    ReplyDelete
    Replies
    1. COMMENT MODERATION ऑफ करने के लिये तो मैंने किसी को कभी नहीं कहा।

      वर्ड वेरिफिकेशनऑफ करने के लिये ज़रूर कहता हूँ।

      Delete
  7. sabse pahle toh bahut bahut badhaai .. seedhi saadi lekin saras kavita .. short n sweet.

    ReplyDelete

Popular Posts

+Get Now!