प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

यदि आप चाहें तो हमें कुछ सहयोग कर सकते हैं

08 December 2014

फिर आयी एक नयी सुबह ......

बीते दिन की
बीत चुकी
यादों की
तस्वीर को
साथ लिए
फिर आयी
एक नयी सुबह 
हवा में
हल्की ठंडक
और ताजगी के साथ
उम्मीद भरी
सूरज की
किरणों से
मन की
कुछ
कहते हुए...

हो जाता है शुरू
इस सुबह का
इंतज़ार
हर दिन के
ढलने के साथ 
हर रात के
गहराने के साथ
मिटने लगते हैं
हताशा
निराशा के
बोझिल पल 
आस लिए
साथ लिए
एक रोशन
सुनहरी किरण
लो
फिर आयी
एक नयी सुबह।

~यशवन्त यश©

owo02122014

1 comment:

  1. रौशनी की ये किरण जो पैगाम लाती है उसको पकड़ना जरूरी है ...
    अच्छे शब्द ..

    ReplyDelete

Popular Posts

+Get Now!