Copyright-Yashwant Mathur©
प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©
इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।
04 January 2021
Views from Lucknow Metro-19/02/2020
बहुत ही साधारण लिखने वाला एक बहुत ही साधारण इंसान जिसने 7 वर्ष की उम्र से ही लिखना शुरू कर दिया था। वाणिज्य में स्नातक। अच्छा संगीत सुनने का शौकीन। ब्लॉगिंग में वर्ष 2010 से सक्रिय। एक अग्रणी शैक्षिक प्रकाशन में बतौर हिन्दी प्रूफ रीडर 3 वर्ष का कार्य अनुभव।
01 January 2021
जीवन को चलना ही है
अंधेरा कितना भी हो
उजियारा होना ही है
सुई रुक भी जाए
घड़ी को बदलना ही है।
कहीं ढलती शाम होगी
इस समय
कहीं सूरज को किसी ओट से
उगना ही है।
यहाँ सर्द हवा है, धुंध है
लेकिन
छँटेंगे बादल फिर धूप को
निकलना ही है।
यह दौर काँटों का है
माना, फिर भी
फूलों की हर कली को
रोज़ खिलना ही है।
टूटते-टूटते भी बाकी है
एक उम्मीद इतनी सी-
कोहरा कितना भी हो
जीवन को चलना ही है।
(नववर्ष 2021 सबके लिये शुभ और मंगलमय हो )
01012021
बहुत ही साधारण लिखने वाला एक बहुत ही साधारण इंसान जिसने 7 वर्ष की उम्र से ही लिखना शुरू कर दिया था। वाणिज्य में स्नातक। अच्छा संगीत सुनने का शौकीन। ब्लॉगिंग में वर्ष 2010 से सक्रिय। एक अग्रणी शैक्षिक प्रकाशन में बतौर हिन्दी प्रूफ रीडर 3 वर्ष का कार्य अनुभव।
30 December 2020
मैं नहीं कवि.....
मैं नहीं कवि
न ही कविता को ही कह पाता हूँ
बस जो भी मन में आता है
वो ही लिखता जाता हूँ।
है नहीं भान न ही ज्ञान
रस छंद अलंकारों का
परिचय बस थोड़ा ही है
काव्य के प्रकारों का।
बस थोड़ा जो कुछ सहेजा समेटा
और जो कुछ है देखा समझा
शब्दों की डोर में वो ही
थोड़ा पिरोता जाता हूँ ।
मैं नहीं कवि
न ही कविता को ही कह पाता हूँ
मन की कोर से जो निकलती
वो बात बताता जाता हूँ ।
23122020
बहुत ही साधारण लिखने वाला एक बहुत ही साधारण इंसान जिसने 7 वर्ष की उम्र से ही लिखना शुरू कर दिया था। वाणिज्य में स्नातक। अच्छा संगीत सुनने का शौकीन। ब्लॉगिंग में वर्ष 2010 से सक्रिय। एक अग्रणी शैक्षिक प्रकाशन में बतौर हिन्दी प्रूफ रीडर 3 वर्ष का कार्य अनुभव।
24 December 2020
कि मौत आने को है....
हर ग़म जाने को है कि मौत आने को है,
चुटकी भर खुशियाँ धूल में मिल जाने को हैं।
बेइंतिहा शिकायतों के वजूद पर मेरा सबर,
पछता रहा कि जो बीता वो कल आने को है।
धोखा इस बात का था कि उम्मीदें साहिल पर थीं,
मैं घिसटता ही रहा कि साँसें टूट जाने को हैं।
ठहर जा रे वक़्त! और बीत कर क्या होगा?
जो तू करने को था कर ही जाने को है।
24122020
बहुत ही साधारण लिखने वाला एक बहुत ही साधारण इंसान जिसने 7 वर्ष की उम्र से ही लिखना शुरू कर दिया था। वाणिज्य में स्नातक। अच्छा संगीत सुनने का शौकीन। ब्लॉगिंग में वर्ष 2010 से सक्रिय। एक अग्रणी शैक्षिक प्रकाशन में बतौर हिन्दी प्रूफ रीडर 3 वर्ष का कार्य अनुभव।
22 December 2020
Shravasti Trip Photographs (30/11/2019) Part VI
बहुत ही साधारण लिखने वाला एक बहुत ही साधारण इंसान जिसने 7 वर्ष की उम्र से ही लिखना शुरू कर दिया था। वाणिज्य में स्नातक। अच्छा संगीत सुनने का शौकीन। ब्लॉगिंग में वर्ष 2010 से सक्रिय। एक अग्रणी शैक्षिक प्रकाशन में बतौर हिन्दी प्रूफ रीडर 3 वर्ष का कार्य अनुभव।
20 December 2020
कुछ लोग-53
अपने स्वार्थ में
पर्दे के पीछे रह कर
दूसरों के काम बिगाड़कर
संतुष्ट हो जाने वाले...
और प्रत्यक्ष होकर
हितैषी जैसा दिखने वाले
दोस्त के नकाब में
दुश्मनी निभाने वाले
कुछ लोग
आस पास रह कर
जिसे समझते हैं
भेद
वह सिर्फ सुई होता है
जो अपनी चुभन से
एक दिन
बिखेर कर रख देता है
उनका सारा सच
और फिर
कुछ नहीं बचता
हर तरफ फैली हुई
कालिख के सिवा।
-यशवन्त माथुर ©
20122020
[कुछ लोग शृंखला की अन्य पोस्ट्स यहाँ क्लिक कर के देख सकते हैं]
बहुत ही साधारण लिखने वाला एक बहुत ही साधारण इंसान जिसने 7 वर्ष की उम्र से ही लिखना शुरू कर दिया था। वाणिज्य में स्नातक। अच्छा संगीत सुनने का शौकीन। ब्लॉगिंग में वर्ष 2010 से सक्रिय। एक अग्रणी शैक्षिक प्रकाशन में बतौर हिन्दी प्रूफ रीडर 3 वर्ष का कार्य अनुभव।
16 December 2020
Shravasti Trip Photographs (30/11/2019) Part V
बहुत ही साधारण लिखने वाला एक बहुत ही साधारण इंसान जिसने 7 वर्ष की उम्र से ही लिखना शुरू कर दिया था। वाणिज्य में स्नातक। अच्छा संगीत सुनने का शौकीन। ब्लॉगिंग में वर्ष 2010 से सक्रिय। एक अग्रणी शैक्षिक प्रकाशन में बतौर हिन्दी प्रूफ रीडर 3 वर्ष का कार्य अनुभव।
Subscribe to:
Posts (Atom)






















































