प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

यदि आप चाहें तो हमें कुछ सहयोग कर सकते हैं

02 February 2019

चल दिया............

बे-अरमान आया था
बा-अरमान चल दिया
मुकद्दर में जो था मेरे
लेकर वही चल दिया। 

न सोचा था कभी कि
अश्क ऐसे भी होते हैं
न खुशी जो न किसी
गम के कभी होते हैं।

ये तलब थी न कभी कि
तलफ ऐसा होगा मेरा
स्याह की तमन्ना लिए
हरफ उजला होगा मेरा।

माना कि वो थी दास्ताँ
अब यह रास्ता नया है 
वो  एक दौर था कभी
जो अब  गुजर गया  है।

बे- मुकाम आया था
बा -मुकाम चल दिया 
जो नज़र के धोखे थे
ले कर उन्हें चल दिया।

-यश ©
02/फरवरी/2019 

2 comments:

Popular Posts

+Get Now!