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28 March 2020

कारवां गुजर जाने दो......

जो करना है तुमको
करते रहना मगर
उन्हें एक ठौर पाने तो दो
कारवां गुजर जाने दो।

वो इस उम्मीद में थे
कि हाथ खाली न होंगे
जो देखते हैं ख्वाब
सिर्फ खयाली न होंगे।

लेकिन पता क्या था
दिन एक ऐसा भी आएगा
जो उनका है उनसे ही
दूर हो जाएगा।

समय चक्र सबका है
सब में न भेद हो जाने दो
निकला जो मंजिल की तरफ
वो कारवां गुजर जाने दो।

-यशवन्त माथुर ©
28/03/2020

6 comments:

  1. सुंदर अभिव्यक्ति

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  2. बहुत सुन्दर

    ReplyDelete
  3. बहुत सुंदर

    ReplyDelete
  4. बहुत बढ़िया

    ReplyDelete
  5. नया कारवां भी आयेगा..इसको तो जाने ही दो..
    ये कारवां गुजर जाने दो..

    बहुत सुंदर रचना..
    सादर प्रणाम

    ReplyDelete

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