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03 November 2015

समझ नहीं आता है

कभी कभी
मन कहता कुछ
करता कुछ है
सोचता कुछ
लिखता कुछ है
कुछ कुछ करता हुआ
मन के साथ
समय बीत जाता है
और इस बीच क्या होता है
समझ नहीं आता है।

~यशवन्त यश©

1 comment:

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  1. तब तो एक मन न हुआ चार हो गये...फिर जिसे समझ में आये वह पांचवा भी लाना पड़ेगा..

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