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05 December 2018

आखिर क्यूँ ?

चित्र सौजन्य-The Eyes of Children around the World
आखिर क्यूँ ये दहशत, क्यूँ आँखों में सूनापन है ?
क्यूँ डरा सा, सहमा सा ,क्यूँ काँटों सा बचपन है ?

यौवन की देहरी आने में, समय बहुत सा बाकी है । 
झूलों में, मैदानों में, खेलने की उमर  भी बाकी है ।  

फिर क्यूँ गुम हुआ चहकना,गया कहाँ वह सच्चापन है ?
मन की अपने जो था करता ,कहाँ गया वह बच्चापन  है?

–यश ©
05/12/2018

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