प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

यदि आप चाहें तो हमें कुछ सहयोग कर सकते हैं

22 May 2012

तस्वीर की तलाश ......

तलाश में हूँ
एक तस्वीर की
जिसे देख कर
बिना रुके
लिखता चलूँ
और कहता चलूँ
उस तस्वीर के
मन की बात
कहता चलूँ
उसके चेहरे से
झलकता
कभी दर्द
और कभी खुशी का
संगम ! 

लेकिन वो चित्रकार कहाँ
जिसने रची होगी
वो तस्वीर
और कहाँ वो तस्वीर 
जिसे पाने के
कर लिये अनेकों जतन

वो साधारण सी
असाधारण तस्वीर
और उसके जैसे
सैकड़ों चेहरे
हर रोज़ देखता हूँ
अपने आस पास

मगर फिर भी
तलाश जारी है
"कुछ हटके" की
जिस पर लिख सकूँ
"कुछ हट कर"
बिना पेन और कागज के
बिना की बोर्ड और स्क्रीन के
गढ़ दूँ कुछ ऐसे अक्षर
जो कभी चोट लगें
और कभी मलहम
उस तस्वीर के
खुशी और गम की तरह।

<<<<यशवन्त माथुर >>>> 

इस ब्लॉग का एक लिंक अब यह भी--http://jmkyashwant.wordpress.com/

19 comments:

  1. बिना पेन और कागज के
    बिना की बोर्ड और स्क्रीन के
    गढ़ दूँ कुछ ऐसे अक्षर
    जो कभी चोट लगें
    और कभी मलहम
    उस तस्वीर के
    खुशी और गम की तरह।


    तलाश जारी रहे .... सुंदर अभिव्यक्ति

    ReplyDelete
  2. तलाश जारी रखिये मिल ही जाएगी आपको ऐसी तस्वीर..
    जिसे देखकर भावनाए खुद ही जुबान पर आ जाये...

    ReplyDelete
  3. मन की आँखों से देखो.......तस्वीर आस-पास ही कहीं होगी....

    सस्नेह.
    अनु

    ReplyDelete
  4. तलाश जारी रखिये मिल ही जाएगी आपको ऐसी तस्वीर..
    जिसे देखकर भावनाए खुद ही जुबान पर आ जाये...
    भावनाओ की सुन्दर अभिव्यक्ति...
    बेहतरीन रचना....

    ReplyDelete
  5. लेकिन वो चित्रकार कहाँ
    जिसने रची होगी
    वो तस्वीर
    और कहाँ वो तस्वीर
    जिसे पाने के
    कर लिये अनेकों जतन

    EXCELLENT POETRY...CONGRATS

    ReplyDelete
  6. लेकिन वो चित्रकार कहाँ
    जिसने रची होगी
    वो तस्वीर
    और कहाँ वो तस्वीर
    जिसे पाने के
    कर लिये अनेकों जतन,,,,,

    सुंदर रचना ,,,,,,,

    RECENT POST काव्यान्जलि ...: किताबें,कुछ कहना चाहती है,....

    ReplyDelete
  7. हर इंसान चलती फिरती ऐसी ही एक तस्वीर ही तो है। बस जरूरत है उसे करीब से जानने और समझने की.....

    ReplyDelete
  8. वाह ... बहुत खूब
    कल 23/05/2012 को आपकी इस पोस्‍ट को नयी पुरानी हलचल पर लिंक किया जा रहा हैं.

    आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!


    ... तू हो गई है कितनी पराई ...

    ReplyDelete
  9. तलाश जरी रखो मनभावन तस्वीर मिल ही जाएगी सुन्दर अभिव्यक्ति.सस्नेह.

    ReplyDelete
  10. साधारण होते हुवे भी उस असाधारण की तलाश निरंतर रहती है ...

    ReplyDelete
  11. सुंदर अभिव्यक्ति.....जीवन में यह तलाश यूँ ही चलती है.....

    ReplyDelete
  12. तलाश है तो मंजिल भी मिलेगी!

    ReplyDelete
  13. talash poori ho yahi shubhkamnaye...:)

    ReplyDelete
  14. bahut khoob
    talash karte karte bhi kai khoobsurat chitra ban jayenge
    Thanks
    http://drivingwithpen.blogspot.in/

    ReplyDelete
  15. indira mukhopadhyay जी द्वारा मेल पर प्राप्त

    Beautiful.

    ReplyDelete
  16. मगर फिर भी , तलाश जारी है
    "कुछ हटके" की
    जिस पर लिख सकूँ
    "कुछ हट कर"
    मुझे इंतजार है .....
    *कुछ हट कर" पढ़ सकूँ ....

    ReplyDelete

Popular Posts

+Get Now!