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26 May 2012

मेरे सपनों की दुनिया

कभी कभी
रातों को आते हैं
बड़े ही अजीब से ख्वाब
मैं चला जाता हूँ
अनोखी दुनिया में
एक ऐसी दुनिया
जो घिरी है
ढेर सारे
रंगबिरंगे फूलों से
फूल -
जो कभी मुरझाते नहीं
खिले रहते हैं
महकते रहते हैं  
उस दुनिया मे
हर कोई खुश है
क्योंकि सब अमर हैं
उस दुनिया मे
रोजगार हैं;
सब
अपने ही मालिक हैं 
और नौकर
कोई नहीं
उस दुनिया मे
सब पैदल चलते हैं
पेट्रोल की महंगाई से
बे फिकर हो कर 
क्योंकि
कोई दूर नहीं
सब नजदीक हैं
तन और मन से
मैं रहना चाहता हूँ
उस दुनिया में
बसना चाहता हूँ
हमेशा के लिये
अमर हो कर
खुश रहना चाहता हूँ
पर अफसोस!
सपनों की उस दुनिया मे
मेरे लिये जगह नहीं
क्योंकि
वहाँ पीढ़ियाँ जन्म लेती हैं
अमरत्व का वरदान ले कर
और उस दुनिया के लोग
आना चाहते हैं
सपनों से बाहर की
इस दुनिया में
ताकि कर सकें
वो भी
एक जीवन से
दूसरे जीवन का सफर।

<<<<यशवन्त माथुर>>>>

35 comments:

  1. वाह भई यशवन्‍त जी अच्‍छा लि‍खा है

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  2. एक जीवन से
    दूसरे जीवन का सफर।

    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति,

    MY RECENT POST,,,,,काव्यान्जलि,,,,,सुनहरा कल,,,,,

    ReplyDelete
  3. सपनो की सुन्दर दुनिया और एक जीवन से दूसरे जीवन का सफर... सुन्दर रचना

    ReplyDelete
  4. बहुत सुंदर यशवंत....
    सपनो की दुनिया कुछ देर को ही तो भली लगती है......

    सस्नेह

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  5. अच्छा है सपनों की दुनिया के फूल नहीं मुरझाते.. वरना सपनों और हक़ीक़त में अंतर ही क्या होता!! ..और ये सफ़र तो चलता ही रहेगा..
    सुन्दर अभिव्यक्ति यशवंत भाई...
    सादर

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  6. बेहद भावपूर्ण रचना...... अंतिम पंक्तियाँ बहुत ह्रदय स्पर्शी हैं!

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  7. शुभ प्रभात......भाई
    आना चाहते हैं
    सपनों से बाहर की
    इस दुनिया में
    ताकि कर सकें
    वो भी
    एक जीवन से
    दूसरे जीवन का सफर।
    खूबसूरत कविता.....
    एक सच का बखान...
    सादर

    ReplyDelete
  8. यथार्थ अधिकतर कड़वा होता है....पर कल्पना हमेशा खूबसूरत होती है
    और यही कारण है कि लोग यथार्थ से आहत होकर स्वप्नद्रष्टा बन जाते हैं
    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति यशवन्त जी
    आभार

    ReplyDelete
  9. उस दुनिया मे
    सब पैदल चलते हैं
    पेट्रोल की महंगाई से
    बे फिकर हो कर
    सबसे अच्छी बात यही है ....
    आपके सपनों की दुनिया की ....

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  10. सुख दुख साथ हो तभी जीने का मज़ा है ...जीवन मे हर रंग का अपना महत्व है ....!!
    बहुत सुंदर रच्ना ...!!
    शुभकामनायें यशवंत ...!!

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  11. कितनी प्यारी और सुखदायी सपनों की दुनिया है..
    ऐसे सपनों की दुनिया में तो हम भी जाना चाहेंगे...
    बहुत ही प्यारी....बेहतरीन रचना:-)

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  12. काश ये सपने सच हो जाएँ |
    बहुत ही अच्छा लिखा है .......

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  13. On mail by indira mukhopadhyay ji

    बहुत खूब, काश ऐसी दुनिया होती.

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  14. हर कोई चाहता है वह जो उसके पास नही है । अमरत्व काफी उबाऊ होगा नही ?

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  15. kash hakikat ki bhi jindagi bhi ek aisi ho... sunder prastuti...

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  16. sach me bhaut khubsurat hai sapno ki duniya.... behtreen rachna....

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  17. bohot sundar duniya h aoke sapno ki :)

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  18. sundar rachna

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  19. बहुत बढ़िया....

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  20. सुन्दर अभ्व्यक्ति...
    "दरया के उस किनारे सितारे भी फूल भी
    दरया चढ़ा हुआ हो तो उस पार देखना."

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  21. वाह ...बहुत ही बढिया।

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  22. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति,बेहतरीन पंक्तियाँ..बहुत ही अच्छा लिखा है..

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  23. बहुत उम्दा ...सादर

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  24. सपनीली दुनिया से सच्ची दुनिया की ये यात्रा बहुत अच्छी लगी .........

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  25. बहुत प्यारा बहुत गहरा भाव ... कल्पना शानदार

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  26. सपने तो सपने होते है बस यही तो अपने होते है ....
    बहुत सुन्दर !

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  27. बहुत खूब.....सपनों में ही मिलता अब आराम मुझको।

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  28. humari sapno ki duniya, ekdum humari own kahani hoti hai,, jahan jaise hum chahe, waise rang bhar sakte hai..

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  29. बहुत सुन्दर...बेहतरीन रचना...

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