प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

यदि आप चाहें तो हमें कुछ सहयोग कर सकते हैं

24 May 2012

बात बन गयी

सोचना है कुछ
कुछ लिखना है
करनी है ईमेल
और जल्दी से भेजना है
संपादक को छापने की जल्दी है
और मुझे छपने की
अपना नाम देखने की
जल्दी है ,बहुत जल्दी है
सच मे क्या करूँ
लाइनें लिखता हूँ
मिटाता हूँ
बार बार दोहराता हूँ
और डालता  हूँ
आस पास एक नज़र
कोई विषय मिल जाए
तो बात बन जाए
दोनों की 
छपने वाले की भी
छापने वाले की भी
और बनती जा रही हैं
यह पंक्तियाँ
जो आप पढ़ रहे हैं
अपना सिर पकड़ के

भौहों को तान के
झेल रहे हैं
यह हल्की फुलकी नज़्म (?)
कविता (?)
या कुछ और
जो भी हो
मेरी तो बात बन गयी
पर  आपकी ?  :)
www.nazariya.in पर पूर्व प्रकाशित

<<<<यशवन्त माथुर>>>>

19 comments:

मॉडरेशन का विकल्प सक्षम होने के कारण आपकी टिप्पणी यहाँ प्रदर्शित होने में थोड़ा समय लग सकता है।

कृपया किसी प्रकार का विज्ञापन टिप्पणी में न दें।

केवल चर्चामंच का लिंक ही दिया जा सकता है, इसके अलावा यदि बहुत आवश्यक न हो तो अपने या अन्य किसी ब्लॉग का लिंक टिप्पणी में न दें, अन्यथा आपकी टिप्पणी यहाँ प्रदर्शित नहीं की जाएगी।

  1. बात बनाती कविता... सुन्दर

    ReplyDelete
  2. अजी ..बात तो ऐसे ही बनती है..

    ReplyDelete
  3. हमारी भी बात बन गयी.............
    :-)

    सस्नेह.

    ReplyDelete
  4. बहुत सुन्दर यशवन्त....सस्नेह..

    ReplyDelete
  5. ......क्या कहने यशवंत भाई बहुत सुंदर

    ReplyDelete
  6. सोचता हूं कि‍ मैं भी संपदक से बदला ले ही लूं

    ReplyDelete
  7. बस बात बननी ही चाहिए ...

    ReplyDelete
  8. मुझे तो पढ़ कर मज़ा आया ... स्नेह :-)

    ReplyDelete
  9. वाह ...बेहतरीन

    ReplyDelete
  10. यह हल्की फुलकी नज़्म (?)
    कविता (?)
    या कुछ और
    जो भी हो
    मेरी तो बात बन गयी
    पर आपकी ? :)
    मेरी भी बनी *हलचल* के लिये .... :)

    ReplyDelete
  11. bani ya bana li gayi :-)

    ReplyDelete
  12. बस ऐसे ही तो बात बनती है ....हमें देखो..अभी तक मुँह में कला दबाये बैठे हैं .....

    ReplyDelete
  13. बहुत ही अच्छा लिखा है आपने यशवंत जी...
    सुन्दर रचना....:-)

    ReplyDelete
  14. यूँही बातों बातों में .... देखो फ़साना बन गया अच्छा !

    ReplyDelete
  15. बहुत हीं अच्छी बात बनाई है यशवंत जी...बहुत हीं सुन्दर,अपने रौ में बहती जाती रचना...

    ReplyDelete
  16. क्या बात !!!!!मज़ा आ गया ....बढ़िया

    ReplyDelete
  17. hehe,, so cute one,, humari bhi baat ban gayi,, nica..

    ReplyDelete

Popular Posts

+Get Now!