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02 June 2012

आपका साथ और ये 2 वर्ष ..........

जून का दूसरा दिन और दो साल पूरे करने के बाद यह ब्लॉग अब अपने 3 रे वर्ष मे प्रवेश कर रहा है। 2010-11 की तुलना मे 2011-12 काफी कुछ सिखाने और दिखाने वाला रहा। ब्लॉग के बारे मे तकनीकी जानकारी मे वृद्धि हुई;और सब से बड़ी बात यह कि बहुत से अच्छे दोस्त मिले ,कुछ लोगों से मिलने का मौका भी मिला और कुछ लोगों से फोन पर भी संपर्क हुआ जो अब तक कायम है। हाँ इस दौर मे कुछ दोस्तों से दोस्ती टूटी भी ,जो भ्रम थे उन पर से पर्दा भी हटा और ब्लोगिंग के साथ चल रहे कुछ लोगों के गोरख धंधों का भी पता चला।

फिलहाल मेरे पास ज़्यादा कुछ कहने को नहीं सिवाय इसके कि आप सभी पाठकों के असीम स्नेह के लिए तहे दिल से आभारी हूँ और आशा करता हूँ कि आगे भी आपका स्नेह इसी प्रकार बना रहेगा।

प्रस्तुत है मेरी एक पुरानी कविता जो पहले भी इस ब्लॉग पर प्रकाशित हो चुकी है--


नए दौर की ओर


शुरू हो गया
फिर एक नया दौर
कुछ आशाओं का
महत्वाकांक्षाओं का
कुछ पाने का
कुछ खोने का
नीचे गिरने का
उठ कर संभलने  का
उसी राह पर
एक नयी चाल चलने का

ये नया दौर
क्या गुल खिलायेगा
कितने सपने
सच कर दिखाएगा
दिल के बुझे चरागों को
क्या नयी रोशनी दिखाएगा

नहीं पता.

नहीं पता -
क्या होगा
क्या नहीं
वक़्त की कठपुतली बना
मैं चला जा रहा हूँ
एक नए दौर की ओर

नए दौर की ओर
जहाँ
पिछले दौर की तरह
चलता रह कर
फिर से इंतज़ार करूँगा
एक और
नए दौर का.

<<<यशवन्त माथुर>>>

27 comments:

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  1. हर नए दौर की ओर इसी विश्वास के साथ कदम बढ़ें...
    शुभकामनाएं!

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  2. सुंदर रचना..... बधाई, यूँ लिखते रहें......शुभकामनायें

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  3. यूँ ही बढते चलो...पढते चलो...लिखते चलो....खिलते चलो......

    शुभकामनाएँ यशवंत
    सस्नेह

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  4. हमारा आशीर्वाद और शुभकामनायें साथ है।

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  5. अनंत शुभकामनाओं के साथ बहुत-बहुत बधाई

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  6. आज तो आपके ब्लॉग का जन्मदिन है .... इसलिए बहुत - बहुत बधाई और शुभकामनायें .... आप यूहीं हमेशा अच्छी-अच्छी कवितायें लिखते रहियें ....

    पिछले दौर की तरह
    चलता रह कर
    फिर से इंतज़ार करूँगा
    एक और
    नए दौर का.

    ये ज़ज्बा अच्छा लगा ... हमेशा बनाए रखियेगा .....

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  7. बस आज कल परसों में दिन परिवर्तित होते जाते हैं....नई मंजिलें तै होती जाती हैं...बहुत कुछ बदल जाता है ...और रह जाती हैं कुछ यादें......कुछ अनुभव......आपका यह सफ़र यूहीं नई ऊँचाइयाँ छूता रहे .

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  8. .यूँ ही बढते चलो,चलते चलो ....'.सिर्फ हाथ भर की दूरी है छूने को आसमा है'...यशवंत बहुत -बहुत बधाई.. ढेरों सी शुभकामनायें...

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  9. वाह...बहुत सुन्दर प्रस्तुति! बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  10. दो वर्ष पूरा करने पर,बहुत२ बधाई,साथ ही हमारा आशीर्वाद और शुभकामनायें,,,,,

    RECENT POST .... काव्यान्जलि ...: अकेलापन,,,,,

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  11. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें....

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  12. ये नया दौर
    क्या गुल खिलायेगा
    कितने सपने
    सच कर दिखाएगा
    दिल के बुझे चरागों को
    क्या नयी रोशनी दिखाएगा

    नहीं पता......

    बस इतना सा ख्वाब है.....!

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  13. नया दौर
    सारे सपने
    सच कर दिखायेगा
    बधाई और शुभकामनायें.....

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  14. अनंत शुभ कामनाये आपको यशवंत जी....
    आपकी लेखनी उत्कृष्ठ बनती जाये....
    :-)

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  15. 2 varsh poore hone par bahut -2 badhai....likhte raho padhte raho.......dhero shubhkaamnaye...Yashwant bhai

    rgds
    @ Sanjay bhaskar

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  16. नए दौर में प्रवेश की शुभकामनाएँ ........विश्वास ..भ्रम में छिप कर रहता हैं ...और जब भ्रम टूटता हैं तो बहुत तकलीफ होती हैं ...इस बात को बहुत अच्छे से हम महसूस करते हैं .....सादर

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  17. behtreen bhaav ko shabdo me piroya hai apne.....

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  18. नए दौर में लिखेंगे, मिलके नयी कहानी.. :)
    दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में ढेरों शुभकामनाएं!!
    सादर

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  19. नए दौर की बहुत बधाई एवं शुभकामनायें !

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  20. दो वर्ष पूरे होने पे बधाई .. शुभकामनायें ... ये साथ यूं ही बना रहे ...

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  21. teesre varsh ki badhai

    'naya daur' bahut achha likha hai

    shubhkamnayen

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  22. शुभकामनाएं,ब्लोग पर,आपकी उपस्थिति के दो वर्ष पूरे होने पर---
    ’नये दौर क्या गुल खिलाएगा—
    मेरी एक रचना—जो मेरे ब्लोग,’मन के-मनके’पर प्रस्तुत हो चुकी है,
    उससे चुनी हुई दो पंक्तियां—
    ’सपनों की कश्ती को बहने दो
    आशाओं के चप्पू से, उसे जरा हिला तो दो’

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  23. बधाई हो २ वर्ष की....वक़्त के साथ इन्सान बहुत कुछ सीखता जाता है ।

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