प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

यदि आप चाहें तो हमें कुछ सहयोग कर सकते हैं

28 May 2020

लूडो और ज़िंदगी

लूडो 
खेला तो होगा ही 
सभी ने एक न एक बार 
किया तो होगा ही 
16 गोटियों से 
72 खानों को पार 
देखा तो होगा ही 
जीत और हार। 

ये रंग-बिरंगी ज़िंदगी 
ऐसी ही है 
बिल्कुल लूडो की तरह 
अनिश्चित है 
कि यहाँ कब कौन 
किसको कहाँ और कैसे  
पीट कर-धकिया कर 
आगे निकल जाए 
और 
मंजिल के 
बिल्कुल करीब पहुँच कर भी 
नई शुरूआत 
करनी पड़  जाए । 

इस बिसात पर  
चार सितारों के विश्राम स्थल 
सिखाते हैं 
थोड़ा संभलना 
ठहर कर चलना 
धीरे-धीरे तो 
कहानी बन ही जाएगी 
मंजिल मिल ही जाएगी 
लेकिन 
सिर्फ उसको 
जिसको आता हो 
अवसर को पढ़ना 
अपनी सही चाल से 
आगे बढ़ना । 

लूडो 
सिर्फ खेल नहीं है 
ज़िंदगी के हर
उतार -चढ़ाव का 
ऐसा प्रतिमान है 
जिसके बिना 
हम कर नहीं सकते कल्पना 
अपने भूत-भविष्य 
और वर्तमान की। 

- यशवन्त माथुर ©
28/05/2020

No comments:

Post a Comment

Popular Posts

+Get Now!