प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

यदि आप चाहें तो हमें कुछ सहयोग कर सकते हैं

08 May 2020

हम बात करेंगे

मिलें न मिलें मंज़िलें
हमराह चलेंगे।
मिलेगा मौका जब भी
हम बात करेंगे।

चौराहे हैं यहाँ कई
कभी तो पार करेंगे।
थक कर कहीं बैठे तो
हम बात करेंगे।

कल को भूल कर आज
ही इतिहास रचेंगे।
जब कुछ न लिख सकेंगे
तो हम बात करेंगे।

-यशवन्त माथुर ©
08/05/2020

3 comments:

  1. संवाद चलता रहे
    कारवां बढ़ता रहे
    मंजिलें दूर नहीं
    जज्बा यही खिलता रहे

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर और प्रेरक रचना

    ReplyDelete
  3. वाह ! बेहतरीन सृजन आदरणीय सर

    ReplyDelete

Popular Posts

+Get Now!