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30 January 2011

बापू! फिर से आ जाओ

कहते हैं लोग कि 
महान लोग अवतार लेते हैं 
और तार देते हैं 
बुझी हुई आशाओं को
एक नया दीप दिखा देते हैं 
पर मैं तलाश में हूँ 
आज एक अवतार की
जो यहीं कहीं हो शायद 
हमारे बीच कहीं 
हाँ बापू !मैं आपके अवतार 
को ढूढना चाहता हूँ 
बात करना चाहता हूँ 
और कहना चाहता हूँ 
कि इस अँधेरे में 
दहशत में 
आप फिर से वही 
निश्छल 
मुस्कराहट बिखेर दो 
धरती पर 
फिर से एक नयी 
क्रान्ति बन कर 
अहिंसा औ सत्य का 
स्वर नाद जगा जाओ 
बापू!
फिर से आ जाओ

18 comments:

  1. बापू!
    फिर से आ जाओ ...बहुत सुन्दर रचना है ....

    महान आत्मा को हमारा नमन !

    -------
    बस एक और हो जाये ....

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  2. सच अब तो लगता है बापू को मुस्कराहट बिखेरने आना ही पडेगा ।
    अच्छी पुकार ।

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  3. बहुत सुन्दर...गांधी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि..

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  4. बहुत सार्थक श्रद्धांजली गांधी जी को..

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  5. राष्ट्रपिता की पुण्य तिथि पर बापू को हमारा नमन!

    मेरी नई पोस्ट "बापू को श्रद्‌धाञ्ञलि"पर आपका स्वागत है!

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  6. हमारी तरफ से गांधी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि..बहुत सुन्दर रचना !

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  7. हे राम !

    बापू! फिर से आ जाओ रचना के माध्यम से आपने शुभ चिंतन व्यक्त किया है

    काश ! गांधीजी तक आपका आह्वान पहुंच पाता …

    यशवन्त माथुर जी
    अच्छी रचना के लिए आपको
    हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं !

    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  8. बहुत ख़ूबसूरती से मन के भावों को उकेरा है |बधाई
    आशा

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  9. बहुत सुंदर ..... बापू को नमन

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  10. फिर से एक नयी
    क्रान्ति बन कर
    अहिंसा औ सत्य का
    स्वर नाद जगा जाओ
    बापू!
    फिर से आ जाओ

    बहुत ही सुंदर भाव, साथ ही सार्थक और कल्याणकारी पुकार
    शत-शत नमन

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  11. बहुत सुन्दर भावना है आपके मन में ... इस कीचड़ रुपी समाज में फिर कोई कमल खिलना चाहिए ...

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  12. कि इस अँधेरे में
    दहशत में
    आप फिर से वही
    निश्छल
    मुस्कराहट बिखेर दो
    धरती पर
    फिर से एक नयी
    क्रान्ति बन कर
    अहिंसा औ सत्य का
    स्वर नाद जगा जाओ
    बापू!
    फिर से आ जाओ

    सही कहा आपने आज हमें एक और बापू की जरुरत है !
    आभार !

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  13. बापू जी पर बहुत खूबसूरत रचना...बधाई.

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  14. बहुत सुन्दर रचना.

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  15. आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद.

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