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20 April 2013

कहना हमारी शान है ,कुछ करना अपमान ...........


कहना हमारी शान है ,कुछ करना अपमान
हाथ पे हाथ धर बैठना और बघारना ज्ञान

और बघारना ज्ञान, दिखाना झूठ मूठ की शान 
खुद को सुधरना है नहीं,करना कानून की मांग

अब तो कानून बन गया,फिर भी हुआ अपमान
मोम पिघलेगा फिर मगर,पत्थर दिल इंसान ?
~यशवन्त माथुर©

9 comments:

  1. vibha rani Shrivastava
    अब तो कानून बन गया,फिर भी हुआ अपमान
    मोम पिघलेगा फिर मगर,पत्थर दिल इंसान ?
    कानून बनाना और पालन करवाना अलग-अलग बात
    है ना ?

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  2. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    साझा करने के लिए आभार...!

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  3. Maheshwari Kaneri
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!

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  4. sandhya sharma
    इस पत्थर दिल इंसान को ही पिघलना होगा, वर्ना कुछ नहीं बदलने वाला...

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  5. Shikha Gupta

    सही बात है ...कोरी बातों के शेर हैं हम . जब कर्म की तलवार उठाने का समय आता है तो हाथों में मेंहदी लगा कर बैठ जाते हैं

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  6. तुषार राज रस्तोगी
    बढ़िया

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  7. Suresh Agarwal Adhir
    sahi kaha ... kanoon bana ne se kya hoga.. hume khud ko sudharna hoga

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  8. Pankaj Kumar Sah
    सुंदर पंक्तियाँ ....

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