प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

04 April 2013

उस खामोशी में.....

आधी रात की
खामोशी में
गूँजते
गीतों की तरह
मंद और ठंडी हवा में
हिलते पत्तों की तरह
खिलने को बेचैन कलियों
और फूलों की
खुशबू की तरह 
झूमना चाहता हूँ मैं भी
मन की सरगम के साथ
उस वीरान अंधेरे में
जहां
परछाई भी मांगती है
रोशन उजालों को
रिश्वत में।  

~यशवन्त माथुर©

6 comments:

  1. मन की सारी मुराद पूरी हो .....
    दिन दुनी रात चौगुनी उन्नति हो ...

    शुभकामनायें !!

    ReplyDelete
  2. नहुत सुन्दर...यशवंत

    ReplyDelete

  3. सुंदर
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    बहुत बहुत बधाई

    ReplyDelete
  4. बहुत सुन्दर यशवंत भाई.

    ReplyDelete
  5. बहुत खूब यशवंत जी!

    ReplyDelete

Popular Posts

+Get Now!