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16 June 2012

टूटना

टूटना
एक शीशे का हो
सपने का हो
या रिश्ते का हो

टूटना
दिल का हो
बात का हो
या वादे का हो

टूटना
कसमों का हो
रस्मों का हो
या तिलिस्मों का हो

अच्छा होता है
कुछ चीजों का टूटना
और टूट कर बिखरना
उस एहसास के लिये
कि जुड़ना
आसान नहीं होता।


©यशवन्त माथुर©

21 comments:

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  1. टूटने का अहसास वाकई दुखदाई होता है फिर चाहे कुछ भी टूटे...बहुत सुन्दर...यशवन्त...सस्नेह...

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  2. अच्छा होता है
    कुछ चीजों का टूटना
    और टूट कर बिखरना
    उस एहसास के लिये
    कि जुड़ना
    आसान नहीं होता।

    बहुत सुंदर और गहन अभिव्यक्ति

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  3. वाह ... बहुत खूब कहा है आपने ...

    ReplyDelete
  4. Sundar rachna yashwant ji.....

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  5. बहुत सुन्दर ।

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  6. जुड़ना आसान नहीं होता...

    ReplyDelete
  7. अच्छा होता है
    कुछ चीजों का टूटना
    और टूट कर बिखरना
    उस एहसास के लिये
    कि जुड़ना
    आसान नहीं होता।
    बहुत ही भाव पूर्ण अभिव्यक्ति !!!

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  8. बहुत सुंदर और बहुत गहन अभिव्यक्ति ...!!

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  9. यशवन्त ने 16 जून 1994,13जून 1995,25 जून 1995 को क्रमशः 'जननी',बाबा और दादी को खोया और परिस्थितियों को झेला है वह बखूबी 'टूटन' को समझता है।

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  10. इन भावों को पढ़ कर हतप्रभ थी की ऐसी अभिव्यक्ति क्यों .... तभी विजय जी की टिप्पणी पर निगाह पड़ी और कारण भी पता चला ..... शायद ये अनुभव ऐसा है जब सभी शब्द खामोश हो जाते हैं और सिर्फ भावनाएँ ही रह जाती हैं ....... क्या कहूँ बस यही दुआ है की इस टूटन के भाव विलुप्त हो जाएँ !!!

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    Replies
    1. निवेदिता जी की दुआएं कारगर हों ,हम भी यही चाहते हैं।

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  11. बेहतरीन रचना...
    बहुत ही गहन भाव है

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  12. बहुत सुंदर ji

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  13. बहुत प्यारी अभिव्यक्ति है यशवंत.....
    दिल से निकली है...और दिल तक पहुँच रही है....
    सदा खुश रहो.....
    सस्नेह.

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  14. अच्छा होता है
    कुछ चीजों का टूटना
    और टूट कर बिखरना
    उस एहसास के लिये
    कि जुड़ना
    आसान नहीं होता।

    बहुत बेहतरीन मन के भावनाओं सुंदर प्रस्तुति ,,,

    RECENT POST ,,,,,पर याद छोड़ जायेगें,,,,,

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  15. बहुत सुन्दर !

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  16. अच्छा होता है
    कुछ चीजों का टूटना
    और टूट कर बिखरना
    उस एहसास के लिये
    कि जुड़ना
    आसान नहीं होता।
    आपके लेख्य को नमन .... :)

    ReplyDelete
  17. अच्छा होता है
    कुछ चीजों का टूटना
    और टूट कर बिखरना
    उस एहसास के लिये
    कि जुड़ना
    आसान नहीं होता।

    .....बहुत गहन अभिव्यक्ति...शुभकामनायें कि यह टूटने का भाव विलुप्त हो....

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